चमत्कार नहीं करते मेरे शब्द

चमत्कार नहीं करते मेरे शब्द ये सिर्फ भाव होते हैं किसी को चुभते हैं तो किसी को सुकून देते हैं ये गलतफहमी आपकी है कि मैं अंधियारे में हूँ मैं बिन सितारे उजाले में हूँ बाहर से ना देखे मुझे मेरे अन्दर झाक कर देखो चेहरे पर धुंध भले है मेरे पर मैं हर पल मुस्कुराता हूँ

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