हूँ आनन्द तो, ताउम्र आनन्द ही रहूँगा

चाहे वफा दो...या बेवफा बन जाओ जो हो मर्जी तुम्हारी, वो फैसला कर जाओ हूँ आनन्द तो, ताउम्र आनन्द ही रहूँगा हो तेरा कोई फैसला, मैं खुद को सवार लूंगा बस एक छोटी सी बात, सुन लो खामोशी से मुहब्बत में इंसाफ ना कर सके तो कोई बात नहीं बेवफाई में छोखा दोगे तो चुप नहीं बैठूंगा है ये वादा चाहा था जितना तुमको शिद्दत से मैं वो आशिक नहीं, बेवफा को सजोकर दिल में रखूँगा

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